Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.137.65: ‘राजन्! मैंने बलपूर्वक तुम्हारे राष्ट्र का नाश किया। तुम्हारी राजधानी को नष्ट कर दिया। अब तुम शत्रुओं के चंगुल में पड़कर प्राण त्यागकर यहाँ आये हो। बताओ, क्या तुम पुनः पुरानी मित्रता चाहते हो?’॥65॥ | mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘राजन्! मैंने बलपूर्वक तुम्हारे राष्ट्र का नाश किया। तुम्हारी राजधानी को नष्ट कर दिया। अब तुम शत्रुओं के चंगुल में पड़कर प्राण त्यागकर यहाँ आये हो। बताओ, क्या तुम पुनः पुरानी मित्रता चाहते हो?’॥65॥
‘King! I destroyed your nation with force. I razed your capital to the ground. Now you have come here with your life in the clutches of the enemy. Tell me, do you want the old friendship again?’॥ 65॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥