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mahabharat 1.137.56: तत्पश्चात् जब वे टूटे हुए धनुष को छोड़कर दूसरा धनुष और तरकश उठाने ही वाले थे, तब अर्जुन ने म्यान से तलवार खींच ली और सिंह के समान दहाड़ने लगे।   |   mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  1.137.56 
तत उत्सृज्य तच्चापमाददानं शरावरम्।
खड्गमुद्धृत्य कौन्तेय: सिंहनादमथाकरोत्॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् जब वे टूटे हुए धनुष को छोड़कर दूसरा धनुष और तरकश उठाने ही वाले थे, तब अर्जुन ने म्यान से तलवार खींच ली और सिंह के समान दहाड़ने लगे।
 
Then, abandoning the broken bow, when He was about to take up another bow and quiver, Arjuna drew his sword from the sheath and roared like a lion. 56.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)