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mahabharat 1.137.11: राजा द्रुपद को युद्ध में पराजित करना बहुत कठिन था। वे एक चमकते हुए रथ पर सवार होकर कौरवों के सामने पहुँचे और भयंकर बाणों की वर्षा करने लगे। 11.   |   mahabharat अध्याय 1.137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 137: द्रोणका शिष्योंद्वारा द्रुपदपर आक्रमण करवाना, अर्जुनका द्रुपदको बंदी बनाकर लाना और द्रोणद्वारा द्रुपदको आधा राज्य देकर मुक्त कर देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.137.11 
ततो रथेन शुभ्रेण समासाद्य तु कौरवान्।
यज्ञसेन: शरान् घोरान् ववर्ष युधि दुर्जय:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
राजा द्रुपद को युद्ध में पराजित करना बहुत कठिन था। वे एक चमकते हुए रथ पर सवार होकर कौरवों के सामने पहुँचे और भयंकर बाणों की वर्षा करने लगे। 11.
 
It was very difficult to defeat King Drupada in the war. He rode in a shining chariot and reached in front of the Kauravas and started raining terrible arrows. 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)