श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 135: कर्णका रंगभूमिमें प्रवेश तथा राज्याभिषेक  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.135.19 
कर्ण उवाच
रङ्गोऽयं सर्वसामान्य: किमत्र तव फाल्गुन।
वीर्यश्रेष्ठाश्च राजानो बलं धर्मोऽनुवर्तते॥ १९॥
 
 
अनुवाद
कर्ण ने कहा- अर्जुन! यह अवस्था तो सबके लिए समान है, इसमें तुम्हारा क्या हित है? जो बल और पराक्रम में श्रेष्ठ हैं, वही राजा कहलाने के योग्य हैं। धर्म भी बल के पीछे चलता है॥19॥
 
Karna said- Arjun! This stage is common for everyone, what is your interest in it? Only those who are superior in strength and valour are worthy of being called kings. Dharma also follows strength.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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