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श्लोक 1.135.13  |
अथ दुर्योधनस्तत्र भ्रातृभि: सह भारत।
कर्णं परिष्वज्य मुदा ततो वचनमब्रवीत्॥ १३॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् दुर्योधन ने अपने भाइयों सहित बड़े हर्ष से कर्ण को गले लगाया और कहा - ॥13॥ |
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| Bhaarat! Thereafter Duryodhana along with his brothers embraced Karna with great joy and said - ॥ 13॥ |
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