Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.132.20: 'पिताजी! यह अस्त्र तीनों लोकों में अद्वितीय बताया गया है। आप अपने मन और इंद्रियों को वश में करके इस अस्त्र को धारण करें और मेरी बात सुनें।' | mahabharat अध्याय 1.132: अर्जुनके द्वारा लक्ष्यवेध, द्रोणका ग्राहसे छुटकारा और अर्जुनको ब्रह्मशिर नामक अस्त्रकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'पिताजी! यह अस्त्र तीनों लोकों में अद्वितीय बताया गया है। आप अपने मन और इंद्रियों को वश में करके इस अस्त्र को धारण करें और मेरी बात सुनें।'
'Father! This weapon is said to be extraordinary in all the three worlds. You should control your mind and senses and wear this weapon and listen to what I say.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥