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mahabharat 1.132.12: जब वे वहाँ जल में गोता लगा रहे थे, तो काल से प्रेरित होकर एक शक्तिशाली जल-जन्तु ने द्रोणाचार्य के बछड़े को पकड़ लिया।   |   mahabharat अध्याय 1.132: अर्जुनके द्वारा लक्ष्यवेध, द्रोणका ग्राहसे छुटकारा और अर्जुनको ब्रह्मशिर नामक अस्त्रकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 132: अर्जुनके द्वारा लक्ष्यवेध, द्रोणका ग्राहसे छुटकारा और अर्जुनको ब्रह्मशिर नामक अस्त्रकी प्राप्ति  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.132.12 
अवगाढमथो द्रोणं सलिले सलिलेचर:।
ग्राहो जग्राह बलवाञ्जङ्घान्ते कालचोदित:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
जब वे वहाँ जल में गोता लगा रहे थे, तो काल से प्रेरित होकर एक शक्तिशाली जल-जन्तु ने द्रोणाचार्य के बछड़े को पकड़ लिया।
 
While he was diving in the water there, inspired by Time, a powerful aquatic animal caught hold of Dronacharya's calf.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)