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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 131: द्रोणाचार्यद्वारा राजकुमारोंकी शिक्षा, एकलव्यकी गुरुभक्ति तथा आचार्यद्वारा शिष्योंकी परीक्षा  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  1.131.65 
तुल्येष्वस्त्रोपदेशेषु सौष्ठवेन च वीर्यवान्।
एक: सर्वकुमाराणां बभूवातिरथोऽर्जुन:॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
यद्यपि सभी लोग शस्त्र विद्या में समान रूप से प्रशिक्षित थे, फिर भी वीर अर्जुन ही अपनी विशेष प्रतिभा के कारण समस्त कुमारों में श्रेष्ठ बन गये।
 
Though everybody was equally trained in the art of weapons, yet the valiant Arjuna alone became the best among all the Kumaras due to his special talent.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)