Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.131.60: इस घटना से अर्जुन बहुत प्रसन्न हुए। उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई। द्रोणाचार्य का यह कथन सत्य सिद्ध हुआ कि अर्जुन को कोई नहीं हरा सकता।   |   mahabharat अध्याय 1.131: द्रोणाचार्यद्वारा राजकुमारोंकी शिक्षा, एकलव्यकी गुरुभक्ति तथा आचार्यद्वारा शिष्योंकी परीक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 131: द्रोणाचार्यद्वारा राजकुमारोंकी शिक्षा, एकलव्यकी गुरुभक्ति तथा आचार्यद्वारा शिष्योंकी परीक्षा  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  1.131.60 
ततोऽर्जुन: प्रीतमना बभूव विगतज्वर:।
द्रोणश्च सत्यवागासीन्नान्योऽभिभवितार्जुनम्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
इस घटना से अर्जुन बहुत प्रसन्न हुए। उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई। द्रोणाचार्य का यह कथन सत्य सिद्ध हुआ कि अर्जुन को कोई नहीं हरा सकता।
 
Arjuna was very happy with this incident. His biggest worry was gone. Dronacharya's statement that no one can defeat Arjuna proved true. 60.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)