Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.131.38: वे सभी अपने-अपने कार्य हेतु वन में विचरण कर रहे थे। उनका मूर्ख कुत्ता वन में विचरण करते हुए निषाद पुत्र एकलव्य के पास पहुँच गया।   |   mahabharat अध्याय 1.131: द्रोणाचार्यद्वारा राजकुमारोंकी शिक्षा, एकलव्यकी गुरुभक्ति तथा आचार्यद्वारा शिष्योंकी परीक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 131: द्रोणाचार्यद्वारा राजकुमारोंकी शिक्षा, एकलव्यकी गुरुभक्ति तथा आचार्यद्वारा शिष्योंकी परीक्षा  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  1.131.38 
तेषां विचरतां तत्र तत्तत्कर्मचिकीर्षया।
श्वा चरन् स वने मूढो नैषादिं प्रति जग्मिवान्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
वे सभी अपने-अपने कार्य हेतु वन में विचरण कर रहे थे। उनका मूर्ख कुत्ता वन में विचरण करते हुए निषाद पुत्र एकलव्य के पास पहुँच गया।
 
They were all wandering about in the forest in order to complete their respective tasks. Their foolish dog wandered around in the forest and reached Eklavya, the son of Nishad.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)