श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 121: पाण्डुका कुन्तीको समझाना और कुन्तीका पतिकी आज्ञासे पुत्रोत्पत्तिके लिये धर्मदेवताका आवाहन करनेके लिये उद्यत होना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.121.12 
स मेऽभिचारसंयुक्तमाचष्ट भगवान् वरम्।
मन्त्रं त्विमं च मे प्रादादब्रवीच्चैव मामिदम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
'तब भगवान दुर्वासा ने मुझे प्रयोग विधि सहित एक मन्त्र सिखाकर वर दिया और मुझसे इस प्रकार कहा -॥12॥
 
'Then Lord Durvasa gave me a boon by teaching me a mantra along with its method of use and said to me thus -॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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