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mahabharat 1.120.7: कहते हैं कि पूर्वकाल में एक बहुत ही धर्मात्मा राजा थे। उनका नाम व्युषिताश्व था। उन्होंने ही पुरु वंश की वृद्धि की थी।   |   mahabharat अध्याय 1.120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.120.7 
व्युषिताश्व इति ख्यातो बभूव किल पार्थिव:।
पुरा परमधर्मिष्ठ: पूरोर्वंशविवर्धन:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
कहते हैं कि पूर्वकाल में एक बहुत ही धर्मात्मा राजा थे। उनका नाम व्युषिताश्व था। उन्होंने ही पुरु वंश की वृद्धि की थी।
 
‘It is said that in the past there was a very pious king. His name was Vyushitashwa. He was the one who increased the Puru dynasty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)