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mahabharat 1.120.27: मुझ अभागे ने अनेक जीवन-साथियों (स्त्री-पुरुष) का वियोग कराया होगा। इसी कारण आज मैं तुमसे अलग हुआ हूँ॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 1.120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  1.120.27 
अभाग्यया मया नूनं वियुक्ता: सहचारिण:।
तेन मे विप्रयोगोऽयमुपपन्नस्त्वया सह॥ २७॥
 
 
अनुवाद
मुझ अभागे ने अनेक जीवन-साथियों (स्त्री-पुरुष) का वियोग कराया होगा। इसी कारण आज मैं तुमसे अलग हुआ हूँ॥ 27॥
 
I, the unfortunate one, must have caused separation between many life partners (men and women). That is why I am separated from you today.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)