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mahabharat 1.120.24: हे पुरुषश्रेष्ठ! जहाँ तुम कभी न लौटने के लिए गए हो, वहाँ का मार्ग चाहे सुगम हो या दुर्गम, मैं अवश्य तुम्हारे पीछे चलूँगा॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 1.120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.120.24 
पृष्ठतोऽनुगमिष्यामि समेषु विषमेषु च।
त्वामहं नरशार्दूल गच्छन्तमनिवर्तितुम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! जहाँ तुम कभी न लौटने के लिए गए हो, वहाँ का मार्ग चाहे सुगम हो या दुर्गम, मैं अवश्य तुम्हारे पीछे चलूँगा॥ 24॥
 
O best of men! Where you have gone never to return, whether the path there is smooth or rough, I will surely follow you.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)