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mahabharat 1.120.20: 'मानवराघ्र जनेश्वर! हमने सुना है कि भद्रा ने तब तक किसी पुत्र को जन्म नहीं दिया था। इस कारण वह अत्यन्त दुःखी होकर विलाप करने लगी; उस विलाप को सुनो।'   |   mahabharat अध्याय 1.120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 120: कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.120.20 
अपुत्रा पुरुषव्याघ्र विललापेति न: श्रुतम्।
भद्रा परमदु:खार्ता तन्निबोध जनाधिप॥ २०॥
 
 
अनुवाद
'मानवराघ्र जनेश्वर! हमने सुना है कि भद्रा ने तब तक किसी पुत्र को जन्म नहीं दिया था। इस कारण वह अत्यन्त दुःखी होकर विलाप करने लगी; उस विलाप को सुनो।'
 
'Manavraghra Janeshwar! We have heard that Bhadra had not given birth to any son till then. Due to this she became very sad and started wailing; listen to that wailing.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)