अनन्तरत्नान्यादाय स जहार महाक्रतून्।
सुषाव च बहून् सोमान् सोमसंस्थास्ततान च॥ १६॥
अनुवाद
अनन्त रत्नों का दान पाकर उसने महान् यज्ञ किये। उसने अनेक सोमयागों का आयोजन करके उनमें बहुत-सा सोमरस एकत्रित किया तथा अग्निष्टोम, अत्याग्निष्टोम आदि सात प्रकार के सोमयाग भी किये।॥16॥
‘After receiving gifts of infinite gems, he performed great sacrifices. He organised many Somayagas and collected a lot of Soma juice in them and also performed seven types of Somayagas like Agnishtom, Atyagnistom etc.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥