Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.119.37: 'अतः हे महिमावान कुन्ती! चूँकि मैं स्वयं सन्तान उत्पन्न करने की शक्ति से रहित हूँ, अतः मैं आज ही तुम्हें किसी अन्य के पास भेज दूँगा। तुम मेरे समान अथवा मुझसे भी श्रेष्ठ पुरुष से सन्तान प्राप्त करो। 37॥ | mahabharat अध्याय 1.119: पाण्डुका कुन्तीको पुत्र-प्राप्तिके लिये प्रयत्न करनेका आदेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'अतः हे महिमावान कुन्ती! चूँकि मैं स्वयं सन्तान उत्पन्न करने की शक्ति से रहित हूँ, अतः मैं आज ही तुम्हें किसी अन्य के पास भेज दूँगा। तुम मेरे समान अथवा मुझसे भी श्रेष्ठ पुरुष से सन्तान प्राप्त करो। 37॥
'So, O glorious Kunti! Since I myself am devoid of the power to produce children, I will send you to someone else today. You get a child from a man like me or even better than me. 37॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि सम्भवपर्वणि पाण्डुपृथासंवादे ऊनविंशत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ ११९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत सम्भवपर्वमें पाण्डु-पृथा-संवादविषयक एक सौ उन्नीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥