श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 119: पाण्डुका कुन्तीको पुत्र-प्राप्तिके लिये प्रयत्न करनेका आदेश  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  1.119.35 
पूर्वपूर्वतमाभावं मत्वा लिप्सेत वै सुतम्।
उत्तमादवरा: पुंस: काङ्क्षन्ते पुत्रमापदि॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
'पहले पुत्र के अभाव में ही पुत्र की कामना करनी चाहिए। संकट के समय निम्न जाति के लोग श्रेष्ठ पुरुष से भी पुत्र की कामना कर सकते हैं।' 35.
 
‘One should desire a son only in the absence of the previous one. In times of crisis, men of a lower caste can desire to have a son even from a superior man. 35.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)