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mahabharat 1.113.12: एक समय गंगानन्दन भीष्मजी ने सुना कि राजा देवक की एक पुत्री है, जो एक शूद्रा स्त्री के गर्भ से ब्राह्मण के घर उत्पन्न हुई है। वह सुन्दर रूप और यौवन से युक्त है॥ 12॥   |   mahabharat अध्याय 1.113: राजा पाण्डुका पत्नियोंसहित वनमें निवास तथा विदुरका विवाह   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 113: राजा पाण्डुका पत्नियोंसहित वनमें निवास तथा विदुरका विवाह  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.113.12 
अथ पारशवीं कन्यां देवकस्य महीपते:।
रूपयौवनसम्पन्नां स शुश्रावापगासुत:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
एक समय गंगानन्दन भीष्मजी ने सुना कि राजा देवक की एक पुत्री है, जो एक शूद्रा स्त्री के गर्भ से ब्राह्मण के घर उत्पन्न हुई है। वह सुन्दर रूप और यौवन से युक्त है॥ 12॥
 
Once, Ganganandan Bhishmaji heard that King Devaka has a daughter who was born to a Brahmin from the womb of a Shudra woman. She is blessed with a beautiful appearance and youthful figure.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)