vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 112: माद्रीके साथ पाण्डुका विवाह तथा राजा पाण्डुकी दिग्विजय
»
श्लोक 9
श्लोक
1.112.9
पूर्वै: प्रवर्तितं किंचित् कुलेऽस्मिन् नृपसत्तमै:।
साधु वा यदि वासाधु तन्नातिक्रान्तुमुत्सहे॥ ९॥
अनुवाद
परन्तु इस कुल के पूर्व महान राजाओं ने कुछ शुल्क लगाने का नियम चलाया है। चाहे वह अच्छा हो या बुरा, मैं उसका उल्लंघन नहीं कर सकता॥9॥
‘But the earlier great kings of this clan have started a rule of levying some fees. Whether it is good or bad, I cannot violate it.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×