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mahabharat 1.112.16: वह सारा धन लेकर शल्यक प्रसन्न हो गया और उसने अपनी बहन को वस्त्राभूषणों से सुसज्जित करके राजा पाण्डु के लिए कौरवों में श्रेष्ठ भीष्मजी को सौंप दिया ॥16॥   |   mahabharat अध्याय 1.112: माद्रीके साथ पाण्डुका विवाह तथा राजा पाण्डुकी दिग्विजय   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 112: माद्रीके साथ पाण्डुका विवाह तथा राजा पाण्डुकी दिग्विजय  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.112.16 
तत् प्रगृह्य धनं सर्वं शल्य: सम्प्रीतमानस:।
ददौ तां समलंकृत्य स्वसारं कौरवर्षभे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वह सारा धन लेकर शल्यक प्रसन्न हो गया और उसने अपनी बहन को वस्त्राभूषणों से सुसज्जित करके राजा पाण्डु के लिए कौरवों में श्रेष्ठ भीष्मजी को सौंप दिया ॥16॥
 
Shalyaka became happy after taking all that money. He adorned his sister with clothes and ornaments and handed her over to Bhishmaji, the best of the Kurus, for King Pandu. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)