Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.111.2: उत्तम स्त्रियोचित गुण प्रचुर मात्रा में प्रकट होकर उसकी शोभा बढ़ा रहे थे। अनेक राजाओं ने महाराज कुन्तीभोज से उस मनोहर रूप और यौवनमय सौन्दर्य से विभूषित तेजस्वी राजकुमारी की याचना की॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 1.111: कुन्तीद्वारा स्वयंवरमें पाण्डुका वरण और उनके साथ विवाह । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उत्तम स्त्रियोचित गुण प्रचुर मात्रा में प्रकट होकर उसकी शोभा बढ़ा रहे थे। अनेक राजाओं ने महाराज कुन्तीभोज से उस मनोहर रूप और यौवनमय सौन्दर्य से विभूषित तेजस्वी राजकुमारी की याचना की॥ 2॥
The best feminine qualities were manifested in abundance and were enhancing her beauty. Many kings requested Maharaja Kunti Bhoja for that radiant princess adorned with a charming form and youthful beauty.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥