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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 103: सत्यवतीका भीष्मसे राज्यग्रहण और संतानोत्पादनके लिये आग्रह तथा भीष्मके द्वारा अपनी प्रतिज्ञा बतलाते हुए उसकी अस्वीकृति
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श्लोक 17
श्लोक
1.103.17
प्रभां समुत्सृजेदर्को धूमकेतुस्तथोष्मताम्।
त्यजेच्छब्दं तथाऽऽकाशं सोम: शीतांशुतां त्यजेत्॥ १७॥
अनुवाद
सूर्य अपनी किरणें छोड़ दे, अग्नि अपनी गर्मी छोड़ दे, आकाश अपनी ध्वनि छोड़ दे और चन्द्रमा अपनी शीतलता छोड़ दे॥17॥
‘Let the Sun give up its rays and let the fire give up its heat, let the sky give up its sound and let the Moon give up its coolness.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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