श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 101: सत्यवतीके गर्भसे चित्रांगद और विचित्रवीर्यकी उत्पत्ति, शान्तनु और चित्रांगदका निधन तथा विचित्रवीर्यका राज्याभिषेक  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.101.13 
विचित्रवीर्य: स तदा भीष्मस्य वचने स्थित:।
अन्वशासन्महाराज पितृपैतामहं पदम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाराज जनमेजय! तब विचित्रवीर्य भीष्मजी की आज्ञा से अपने पूर्वजों के राज्य का शासन करने लगे॥13॥
 
Maharaja Janamejaya! Then Vichitravirya began to rule the kingdom of his forefathers under the command of Bhishmaji.॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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