श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 101: सत्यवतीके गर्भसे चित्रांगद और विचित्रवीर्यकी उत्पत्ति, शान्तनु और चित्रांगदका निधन तथा विचित्रवीर्यका राज्याभिषेक  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.101.12 
विचित्रवीर्यं च तदा बालमप्राप्तयौवनम्।
कुरुराज्ये महाबाहुरभ्यषिञ्चदनन्तरम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
विचित्रवीर्य अभी बालक ही थे, अभी तक उनकी युवावस्था नहीं हुई थी, फिर भी महाबली भीष्म ने उन्हें कुरु देश का राजा अभिषिक्त किया ॥12॥
 
Vichitravirya was still a child, he had not yet attained youth, yet the mighty Bhishma anointed him as the king of Kuru country. ॥12॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas