श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 101: सत्यवतीके गर्भसे चित्रांगद और विचित्रवीर्यकी उत्पत्ति, शान्तनु और चित्रांगदका निधन तथा विचित्रवीर्यका राज्याभिषेक  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.101.11 
तस्मिन् पुरुषशार्दूले निहते भूरितेजसि।
भीष्म: शान्तनवो राजा प्रेतकार्याण्यकारयत्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
उस महातेजस्वी पुरुष सिंह चित्रांगद की मृत्यु के पश्चात शान्तनुनन्दन भीष्म ने उसका अन्तिम संस्कार करवाया ॥11॥
 
After the death of that great and brilliant man Singh Chitrangad, Shantanunandan Bhishma got his last rites performed. 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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