Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.100.31: तब गंगाजी ने अत्यंत सुंदर रूप धारण किया और अपने पुत्र का दाहिना हाथ पकड़कर आगे आईं और उन्हें दिव्य वस्त्र और आभूषणों से सुसज्जित कुमार देवव्रत का दर्शन कराया। | mahabharat अध्याय 1.100: शान्तनुके रूप, गुण और सदाचारकी प्रशंसा, गंगाजीके द्वारा सुशिक्षित पुत्रकी प्राप्ति तथा देवव्रतकी भीष्म-प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब गंगाजी ने अत्यंत सुंदर रूप धारण किया और अपने पुत्र का दाहिना हाथ पकड़कर आगे आईं और उन्हें दिव्य वस्त्र और आभूषणों से सुसज्जित कुमार देवव्रत का दर्शन कराया।
Then Gangaji assumed a very beautiful form and came forward holding her son's right hand and showed him Kumar Devavrata adorned with divine clothes and ornaments.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥