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सर्वास्त्रेषु स निष्णात: पार्थिवेष्वितरेषु च।
महाबलो महासत्त्वो महावीर्यो महारथ:॥ २२॥
अनुवाद
वह लौकिक और पारलौकिक सभी प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों के प्रयोग में निपुण थे। उनका बल, धैर्य और पराक्रम महान था। वे एक महान योद्धा थे।
He was proficient in the art of using all types of weapons, worldly and supernatural. His strength, patience and valour were great. He was a great warrior.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥