Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.100.21: वसु के अवतार गंगाय उनके पुत्र थे, जिनका नाम देवव्रत था। वे अपने पिता के समान ही रूप, आचरण, विद्या और आचरण से संपन्न थे॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 1.100: शान्तनुके रूप, गुण और सदाचारकी प्रशंसा, गंगाजीके द्वारा सुशिक्षित पुत्रकी प्राप्ति तथा देवव्रतकी भीष्म-प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वसु के अवतार गंगाय उनके पुत्र थे, जिनका नाम देवव्रत था। वे अपने पिता के समान ही रूप, आचरण, विद्या और आचरण से संपन्न थे॥ 21॥
Gangay, the incarnation of Vasu, was his son, whose name was Devavrata. He was endowed with the same looks, behaviour, conduct and education as his father.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥