Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.100.19: कुरुवंश के राजाओं में श्रेष्ठ राजराजेश्वर शान्तनु के राज्यकाल में सबकी वाणी सत्य पर आधारित थी - सब लोग सत्य बोलते थे और सबका मन दान और धर्म में लगा रहता था॥19॥ | mahabharat अध्याय 1.100: शान्तनुके रूप, गुण और सदाचारकी प्रशंसा, गंगाजीके द्वारा सुशिक्षित पुत्रकी प्राप्ति तथा देवव्रतकी भीष्म-प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुरुवंश के राजाओं में श्रेष्ठ राजराजेश्वर शान्तनु के राज्यकाल में सबकी वाणी सत्य पर आधारित थी - सब लोग सत्य बोलते थे और सबका मन दान और धर्म में लगा रहता था॥19॥
During the reign of Rajarajeswara Shantanu, the best of the Kuru dynasty's kings, everyone's speech was based on truth - everyone spoke the truth and everyone's mind was devoted to charity and religion.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥