श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 9: गोपीनाथ पट्टनायक का उद्धार  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  3.9.84 
“देव, शुन आर एक अपरूप बात्! ।
महाप्रभु क्षेत्र छाड़ि’ याबेन आलालनाथ !” ॥84॥
 
 
अनुवाद
"मेरे प्रिय राजन," उन्होंने कहा, "कृपया एक असामान्य समाचार सुनें। श्री चैतन्य महाप्रभु जगन्नाथ पुरी छोड़कर अलालानाथ जाना चाहते हैं।"
 
He said, "O King, listen to something unusual. Sri Chaitanya Mahaprabhu wants to leave Jagannatha Puri and go to Alalnath."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)