| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 3: अन्त्य लीला » अध्याय 9: गोपीनाथ पट्टनायक का उद्धार » श्लोक 49 |
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| | | | श्लोक 3.9.49  | राजा कहे , - “एइ बात् आमि नाहि जानि ।
प्राण केने ल - इब, तार द्रव्य चाहि आमि ॥49॥ | | | | | | | अनुवाद | | राजा ने आश्चर्य से उत्तर दिया, "मुझे यह सब पता नहीं था। उसकी जान क्यों ली जाए? मुझे तो उससे केवल धन चाहिए।" | | | | The king replied in surprise, "I don't know anything about him. Why should his life be taken? I only want money from him." | | ✨ ai-generated | | |
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