श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 9: गोपीनाथ पट्टनायक का उद्धार  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  3.9.38 
शुनि’ महाप्रभु कहे सक्रोध वचने ।
“मोरे आज्ञा देह’ सबे, याङराज - स्थाने! ॥38॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर श्री चैतन्य महाप्रभु क्रोधित होकर बोले, "तुम मुझे राजा के पास जाने का आदेश देना चाहते हो।"
 
Hearing this, Sri Chaitanya Mahaprabhu said in an angry tone - “You people want to order me to go to the king.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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