श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 9: गोपीनाथ पट्टनायक का उद्धार  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  3.9.122 
राजमहिन्दार ‘राजा’ कैनु राम - राय ।
ये खाइल, येबा दिल, नाहि लेखा - दाय ॥122॥
 
 
अनुवाद
"मैंने रामानंद राय को राजमुंदरी का राज्यपाल बनाया था। उस पद पर रहते हुए उन्होंने जो भी धन लिया और बाँटा, उसका कोई हिसाब नहीं है।"
 
"I appointed Ramanand Rai as the governor of Rajmahendri. There is no record of the amount of money he collected and distributed while in that position.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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