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श्लोक 3.8.96  |
एइ - मत रामचन्द्र - पुरी नीलाचले ।
दिन कत रहि गेला तीर्थ’ करिबारे ॥96॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार रामचन्द्र पुरी कुछ दिनों तक नीलचल (जगन्नाथ पुरी) में रहे। फिर वे विभिन्न तीर्थस्थानों की यात्रा के लिए निकल पड़े। |
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| Thus Ramachandra Puri stayed in Nilachal (Jagannath Puri) for a few days. Then he went on pilgrimage to various holy places. |
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