श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  3.7.86 
तमाल - श्यामल - त्विषि श्री - यशोदा - स्तनन्धये ।
कृष्ण - नाम्नो रूढ़िरिति सर्व - शास्त्र - विनिर्णयः ॥86॥
 
 
अनुवाद
"कृष्ण के पवित्र नाम का एकमात्र तात्पर्य यह है कि वे तमाल वृक्ष के समान गहरे नीले रंग के हैं और माता यशोदा के पुत्र हैं। यही समस्त शास्त्रों का निष्कर्ष है।"
 
"The sole meaning of Krishna's holy name is that He is dark blue like the Tamala tree and is the son of Mother Yashoda. This is the verdict of all the authoritative scriptures."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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