श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  3.7.81 
“भागवतेर टीका किछु करियाछि लिखन ।
आपने महाप्रभु यदि करेन श्रवण” ॥81॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने कहा, "मैंने श्रीमद्भागवत पर कुछ भाष्य लिखा है। क्या आप कृपया उसे सुनेंगे?"
 
"I have written a commentary on the Srimad Bhagavatam. Would you please listen to it?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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