श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट  »  श्लोक 77
 
 
श्लोक  3.7.77 
तबे महाप्रभु सबार नृत्य राखिला ।
पूर्ववत् आपने नृत्य करते लागिला ॥77॥
 
 
अनुवाद
तब श्री चैतन्य महाप्रभु ने अन्य लोगों का नृत्य रोक दिया और जैसा उन्होंने पहले किया था, स्वयं नृत्य करने लगे।
 
Then Sri Chaitanya Mahaprabhu stopped everyone from dancing and he himself started dancing as before.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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