श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  3.7.69 
महा - प्रसाद वल्लभ - भट्ट बहु आनाइल ।
प्रभु - सह सन्यासि - गण भोजने वसिल ॥69॥
 
 
अनुवाद
वल्लभ भट्ट भगवान जगन्नाथ को अर्पित करने के लिए बड़ी मात्रा में महाप्रसाद लाए थे। इस प्रकार सभी संन्यासी श्री चैतन्य महाप्रभु के साथ भोजन करने बैठ गए।
 
Vallabha Bhatta had brought a large amount of prasad offered to Lord Jagannatha. So all the sannyasis sat down with Sri Chaitanya Mahaprabhu to eat.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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