| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 3: अन्त्य लीला » अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट » श्लोक 68 |
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| | | | श्लोक 3.7.68  | स्वरूप, जगदानन्द, काशीश्वर, शङ्कर ।
परिवेशन करे, आर राघव, दामोदर ॥68॥ | | | | | | | अनुवाद | | स्वरूप दामोदर, जगदानंद, काशीश्वर और शंकर, राघव और दामोदर पंडित के साथ, प्रसाद वितरण का कार्यभार संभाला। | | | | Swarup Damodar, Jagadananda, Kashiswar and Shankar, along with Raghav and Damodar Pandit, took up the task of distributing the Prasad. | | ✨ ai-generated | | |
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