श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  3.7.3 
वर्षान्तरे यत गौड़ेर भक्त - गण आइला ।
पूर्ववत् महाप्रभु सबारे मिलिला ॥3॥
 
 
अनुवाद
अगले वर्ष बंगाल के सभी भक्त श्री चैतन्य महाप्रभु के दर्शन करने गये और पहले की तरह भगवान ने उनमें से प्रत्येक से भेंट की।
 
The next year all the devotees of Bengal went to meet Sri Chaitanya Mahaprabhu and Mahaprabhu met them all as before.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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