श्रीधरानुगत कर भागवत - व्याख्यान ।
अभिमान छाड़ि’ भज कृष्ण भगवान् ॥136॥
अनुवाद
"श्रीधर स्वामी के पदचिन्हों पर चलते हुए श्रीमद्भागवतम् की अपनी व्याख्या प्रस्तुत करो। अपना मिथ्या अभिमान त्यागकर, पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान कृष्ण की आराधना करो।
"Following in the footsteps of Sridhar Swami, present your interpretation of the Srimad Bhagavatam. Give up your false pride and worship Lord Krishna, the Supreme Personality of Godhead."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥