श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.7.11 
कलि - कालेर धर्म - कृष्ण - नाम - सङ्कीर्तन ।
कृष्ण - शक्ति विना नहे तार प्रवर्तन ॥11॥
 
 
अनुवाद
"कलियुग की मूल धार्मिक व्यवस्था कृष्ण के पवित्र नाम का जप है। कृष्ण द्वारा सशक्त किए बिना, कोई संकीर्तन आंदोलन का प्रचार नहीं कर सकता।"
 
The fundamental religious system in Kaliyuga is chanting the holy name of Krishna. No one can spread the sankirtana movement without receiving power from Krishna.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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