श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 7: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं वल्लभ भट्ट की भेंट  »  श्लोक 101
 
 
श्लोक  3.7.101 
येइ किछु करे भट्ट ‘सिद्धान्त’ स्थापन ।
शुनितेइ आचार्य ताहा करेन खण्डन ॥101॥
 
 
अनुवाद
वल्लभ भट्ट ने जो भी निष्कर्ष उत्सुकतापूर्वक प्रस्तुत किये, उनका खंडन अद्वैत आचार्य जैसे व्यक्तित्वों ने किया।
 
Whatever theories Vallabha Bhatta eagerly presented, devotees like Advaita Acharya would refute them all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)