श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  3.6.93 
कौतुक देखिते आइल यत यत जन ।
सेइ चिड़ा, दधि, कला करिल भक्षण ॥93॥
 
 
अनुवाद
जो भी व्यक्ति यह देखने आया कि यह अजीबोगरीब चीजें कैसे हो रही हैं, उसे चिप्स वाले चावल, दही और केले भी खिलाए गए।
 
Whoever came to see how these interesting activities were being carried out was also fed puffed rice, curd and banana.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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