vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट
»
श्लोक 80
श्लोक
3.6.80
हासि’ महाप्रभु आर एक ग्रास लञा ।
ताँर मुखे दिया खाओयाय हासिया हासिया ॥80॥
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु भी मुस्कुराते हुए भोजन का एक टुकड़ा लेकर नित्यानंद के मुख में डाल दिया और भगवान नित्यानंद को उसे खिलाते हुए हंसने लगे।
Sri Chaitanya Mahaprabhu also took a morsel of food while laughing, put it in Nityananda Prabhu's mouth and started laughing while feeding Nityananda.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×