श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  3.6.62 
धनञ्जय, जगदीश, परमेश्वर - दास ।
महेश, गौरीदास, होड़ - कृष्णदास ॥62॥
 
 
अनुवाद
धनंजय, जगदीश, परमेश्वर दास, महेश, गौरीदास और होदा कृष्णदास भी वहाँ थे।
 
Dhananjay, Jagdish, Parameshwar Das, Mahesh, Gauridas and Hod Krishnadas were also there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)