श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  3.6.61 
रामदास, सुन्दरानन्द, दास - गदाधर ।
मुरारि, कमलाकर, सदाशिव, पुरन्दर ॥61॥
 
 
अनुवाद
उनमें रामदास, सुंदरानंद, गदाधर दास, मुरारी, कमलाकर, सदाशिव और पुरंदर शामिल थे।
 
These included Ramdas, Sundarananda, Gadadhar Das, Murari, Kamlakar, Sadashiv and Purandar.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd