श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  3.6.53 
चिड़ा, दधि, दुग्ध, सन्देश, आर चिनि, कला ।
सब द्रव्य आना ञा चौदिके धरिला ॥53॥
 
 
अनुवाद
रघुनाथदास ने चावल, दही, दूध, मिठाइयाँ, चीनी, केले और अन्य खाद्य पदार्थ लाकर चारों ओर रख दिए।
 
Raghunath Das brought puffed rice, curd, milk, sweets, sugar, bananas and other edible items and placed them all around.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)