श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 250
 
 
श्लोक  3.6.250 
गोवर्धनेर पुत्र तेंहो, नाम - ‘रघुनाथ’ ।
नीलाचले परिचय आछे तोमार साथ ? ॥250॥
 
 
अनुवाद
"वह व्यक्ति रघुनाथ दास हैं, गोवर्धन मजूमदार के पुत्र। क्या आप उनसे नीलाचल में मिले थे?"
 
"That man is Raghunath Das, son of Govardhan Majumdar. Did you meet him in Nilachal?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)